जींद। किसानों का खाद, बीज व दवा होगाबेचने का लाइसेंस लेने क लिए केंद्र सरकार स्थित नई गाइडलाइन जारी कर दी है। अब एक्सटेंशन लाइसेंस लेने के लिए डिप्लोमा इन होगाएग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट कक्षाएं डीलर का कोर्स करना होगा। इसके सिर्फ अलावा बीएससी एग्रीकल्चर, केमिस्ट्री, डिप्लोमा जलोजी तक पढ़ाई करने वालों को कोर्स लाइसेंस मिल सकेगा। आवेदन प्रदेशभर में अभी तक दसवीं करने वालों को ही खाद, बीज व दवा बेचने का एक्सटेंशन लाइसेंस मिल जाता था। लेकिन केंद्र कोर्स सरकार के नए निर्देशों के तहत प्रदेशभर किसी 31 दिसंबर, 2020 के बाद दसवीं पास पर दुकानदार खाद, बीज व दवा नहीं बेच तक सकेंगे। इसके बाद नए लाइसेंस उन्हीं को एग्रीकल्चरदिए जाएंगे, जिन्होंने डिप्लोमा इन एपीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसिज फॉर पर इनपट डीलर (डेसी) का कोर्स किया हआ होगा। हरियाणा में यह कोर्स सिर्फ जींद स्थित हरियाणा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हमेटी) में होगा। एक साल के इस कोर्स के लिए 48 कक्षाएं अटैंड करनी होगी। यह कक्षाएं सिर्फ रविवार के दिन ही लगेंगी। इस डिप्लोमा की फीस 20 हजार रुपये है इन कोर्स के लिए आगामी 31 दिसंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। हमेटी से डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर का कोर्स पूरे भारतवर्ष के लिए मान्य होगा। किसी भी प्रदेश में इस कोर्स के आधार पर लाइसेंसलिया जा सकेगा।दिसंबर 2020 तक जिन दुकानदारों के पास बीएससी एग्रीकल्चर, जूलोजी व कमिस्ट्री की डिग्री और यह डिप्लोमा नहीं होगा, उनकी दुकानों पर ताले लगा दिए जाएंगे। -डॉ. कर्मचंद, डायरेक्टर, हमेटी
दिसंबर 2020 के बाद दसवीं पास नहीं बेच सकेंगे बीज, खाद व दवाई